आंदोलन रणनीति 2030: हिंदी सामुदायिक रिपोर्ट मई 2019

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मई की हिन्दी मासिक रिपोर्ट 15 भेंट-वार्ताओं (interviews) और चौपाल पर चलने वाली चर्चाओं पर आधारित है। यहाँ दिए गए अधिकांश मामलों को अलग-अलग उपयोगकर्ताओं द्वारा ही उठाया गया है, जिनकी यहाँ एक सूची बनाई गई है।

चर्चा में भाग लेने वालों की संख्या[edit]

इस महीने लगभग 15 लोग चर्चा में शामिल हुए, टेलीफ़ोन, ईमेल और सोशल मीडिया के विभिन्न चैनलों के माध्यम से उनके साथ निजी भेंट वार्ताएं की गई। यहाँ दिए गए ज़्यादातर मुद्दे अलग-अलग उपयोगकर्ताओं द्वारा ही सामने लाए गए हैं, जिन्हें यहाँ सूचीबद्ध किया गया है।

भाग लेने वालों की पृष्ठभूमि[edit]

15 उपयोगकर्ताओं में 4 महिलाएं और बाकी सभी संभवत: पुरुष हैं। भाग लेने वालों में कई तरह के लोग शामिल हैं, जिनमें कई विकिमीडिया की विभिन्न परियोजनाओं के आनलाईन सम्पादक हैं, इनके इलावा प्रसार कार्यों में तालमेल बनाने में योगदान देने वाले, गलैम (GLAM) और शैक्षणिक भागीदारी में आफ़लाईन काम करने वाले लोग हैं। भाग लेने वालों में 80% वह लोग हैं जो इस समय विकिमीडिआ लहर में लीडर हैं।

चर्चा के विभिन्न माध्यम[edit]

चर्चा चौपाल, सोशल मीडिया के विभिन्न चैनलों पर और अलग-अलग लोगों से व्यक्तिगत साक्षात्कार के रूप में हुई। इच्छुक सदस्यों में ज़्यादातर व्यक्तिगत साक्षात्कार देने में रूचि रखते थे और उसमे सहज महसूस करते थे, चौपाल, विकी पर तथा सोशल मीडिया ग्रुपों का इस्तेमाल ज़्यादातर सूचना और जानकारियाँ देने के लिए ही किया गया।
हिन्दी विकिसोर्स मैसेंजर ग्रुप: यह ग्रुप हिन्दी विकिसोर्स समुदाए के सभी सक्रिय सम्पादक हैं। इसके अलावा अल्पसंख्यकों के लिए हमारा एक निजी मैसेंजर ग्रुप भी है, इसमें 27 से ज़्यादा सदस्य हैं। आन-विकी पेज और मेटा टॉक पेज: हमने विभिन्न परियोजनाओं पर आन-विकी पेज बनाए हैं, जिनमे आंदोलन की रणनीति, समुदाय के भीतर होने वाली चर्चा और काम करने वाले विभिन्न ग्रुपों और उनके विषयों का सारांश दिया जाता है। इसके साथ ही हमने अपने सामुदायिक वार्तालापों की टाइम-लाइन की संक्षिप्त जानकारी भी दी है, जहाँ 9 ग्रुपों द्वारा विभिन्न विषयों से जुड़े दस्तावेज़ों को मेटा वार्ता पृष्ठों के साथ जोड़ा जाता है।
वाट्सऐप ग्रुप: हिन्दी समुदाय के वाट्सऐप ग्रुप में विकिमीडिया की विभिन्न आन-लाइन और आफ-लाइन परियोजनाओं से जुड़े 35 से ज़्यादा लोग शामिल हैं।
व्यक्तिगत विचार-विमर्श: ईमेल, चैट और टेलीफोन भेंट-वार्ता के ज़रिए रूचि दिखाने वाले सदस्यों के साथ निजी रूप से चर्चा की गई।
चौपाल: दूसरे ओपन चैनलों की तरह गाँव की चौपाल के पास भी फ़ीडबैक या प्रतिक्रिया देने के मौके बहुत कम या ना के बराबर ही हैं। हम चौपाल को हिन्दी विकिपीडिया, विकिपुस्तक, विकिसूक्ति, विकिविश्वविद्यालय, विकियात्रा और विक्शनरी पर जानकारियाँ भेज रहे हैं। फ़िलहाल यह चैनल समुदाय के सदस्यों को रिपोर्ट की स्थिति और जानकारी हासिल करवाने के उद्देश्य को पूरा कर रहे हैं। अलग-अलग व्यक्तियों से व्यक्तिगत भेंट-वार्ताओं के जरिए सुसंगत और सिलसिलेवार प्रतिक्रियाएँ प्राप्त की गई की गई हैं।

विषय[edit]

  • सामुदायिक स्वास्थ्य
  • क्षमता निर्माण
  • संसाधन आबंटन

भविष्य की योजनाएं[edit]

भेंट-वार्ताओं पर आधारित दृष्टिकोण को जारी रखा जाएगा और अनाम रूप से भाग लेने वालों की बड़ी संख्या को देखते हुए सर्वेक्षण और ऐसे ही मिलते-जुलते प्रयोग जारी रहेंगे। मौजूदा चैनलों पर सार्वजनिक चर्चा को सुविधा पूर्वक बनाने और महिलाओं तथा प्रासंगिक अल्पसंख्यकों की भागीदारी को यकीनी बनाने का काम भी जारी रहेगा। हम अगले महीने की रणनीति प्रक्रिया का सर्वेक्षण (survey) लोगों तक पहुँचाने की कोशिश करेंगे और रणनीतिक चर्चा में भाग लेने के लिए अलग-अलग विषयों और सर्वेक्षणों को समुदाय के लोगों के सामने रखेंगे।

प्रतिक्रिया के प्रमुख बिन्दु[edit]

क्षमता निर्माण[edit]

संसाधन, उपकरण और विधियाँ जो स्थानीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अच्छी तरह काम करते हैं:

  • विस्तृत भौगोलिक क्षेत्रों में फैले भाषाई समुदाओं को विकसित करने के लिए बहु-स्तरीय योजना बनाई जानी चाहिए। विकी की छोटी भाषाओं के लिए क्षेत्रीयता को पहल मिलती है।
  • उभरते समुदायों में क्षमता के विकास के लिए और ज़्यादा अनुदान दिए जाने चाहिए।


क्षमता को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए सरंचनाओं, संस्थाओं और एक प्रक्रिया की ज़रूरत होती है, जो उस सब को बनाए रखें:

  • अभी तक शिक्षा संस्थाओं के साथ स्थाई संबंध बनाए रखने की कोशिशें नहीं की गई हैं। क्षमता निर्माण में यह ढाँचा बहुत अच्छा काम कर सकता है और इस दिशा में और ज़्यादा संसाधन लगाने और ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है।
  • विभिन्न विकी क्लबों और सहभागी शैक्षिक संस्थानों में शैक्षिक वृत्तियों (इंटर्नशिप) और वजीफ़े (फ़ेलोशिप) का मॉडल अपनाया जा सकता है।

क्षमता निर्माण में भाग लेने वाले सभी लोगों को बराबर के मौके मिलने चाहिए और सभी की भागीदारी यकीनी बनाई जानी चाहिए:

  • विकी समुदाय को एक सुसंगठित और न्यायोचित विकास की तरफ़ बढ़ाने के लिए शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्थाओं को समान रूप से इस प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए।
  • समुदाय की भीतर शैक्षणिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक सूचनाओं को बढ़ावा देना इस दिशा में एक कदम होगा।
  • एक सजीव और लंबे समय तक चलने वाले क्षमता विकास के काम के लिए स्वयंसेवकों द्वारा चलाए जाने वाली संस्थाओं की ज़रूरत होती है, जैसे कि अलग-अलग चैपटरों और यूजीस की जो उसका आधार होने चाहिए। यहाँ पर दूसरे संबंधित संगठनों की भी ज़रूरत है। हालाँकि उनके मूल्याँकन के लिए एक लंबे समय के कार्यकाल की ज़रूरत होती है।
  • निहित और स्पष्ट दोनों तरह के कारकों को ध्यान में रखते हुए क्षमता विकास को परिभाषित करने और उसके मूल्याँकन का कोई सटीक पैमाना नहीं है।
  • लीडरों के लिए कहानी कहने की कला: सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि कहानियों का अनुवाद भी किया जाना चाहिए।
  • डब्लिउएमएफ़ के चल रहे ब्लॉग जो पूरी तरह कर्मचारियों पर निर्भर हैं, उनमें ना तो कुछ बेहतरीन है और ना ही वो विकिमीडिया समुदाय में लीडरों को आगे लाने के लिए आदर्श ही बन सकते हैं।
  • सामुदायिक स्वास्थ्य और विविधता के साथ क्षमता निर्माण: प्रत्येक अमुदय में ऐसी एक आचार संहिता होनी चाहिए जो विविधता को शामिल करने के मौके प्रदान करती है।
  • आचार संहिता सार्वभौमिक होनी चाहिए क्योंकि समुदाय अपनी नीतियों को बनाने के लिए, जिन्हें वह ख़ुद ही लागू कर सकें, अभी पर्याप्त रूप से विकसित नहीं हुए हैं। इसी वजह से एक सार्वभौमिक आचार संहिता की ज़रूरत है।
  • मिलकर काम करने की जगहों और उनमें व्याप्त संस्कृति को बदलने, विश्वसनीय स्रोतों और निष्पक्षता को परिभाषित करने और एक सुरक्षित माहौल बनाने के लिए हमें एक संगठन की ज़रूरत है, तांकि हर तरह की आवाज़ को उसका उचित स्थान मिल सके।
  • विविधता और हर तरह के विचारों को जगह देने के लिए, दबी रह गई आवाज़ों, खास तौर पर अल्पसंख्यकों, एलजीबीटी और स्थानीय संस्कृतियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि उनके ज्ञान को विकिमीडिया और इंटरनेट के विस्तृत जगत में उचित स्थान मिल सके।
  • संसाधनों और बुनियादी ढाँचे में उन्हें फ़ाउंडेशन की तरफ़ से विशेष सहायता दी जानी चाहिए और स्थानीय लोगों और विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के ऐसे ज्ञान के लिए जो अभी तक सामने नहीं आ पाया है, परियोजनाएं बनाई जानी चाहिए।
  • निर्णय लेने और नीति बनाने की प्रक्रिया में अंग्रेज़ी के अलावा दूसरी भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए हम संयुक्त राष्ट्र द्वारा अनुसूचित 6 अन्य भाषाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन छोटी-छोटी भाषाएं फिर भी उस दायरे से बाहर रह जाएंगी।
  • फिर भी इससे दुनिया के उस 80% हिस्से तक हमारी पहुँच हो जाएगी जो अंग्रेज़ी भाषी क्षेत्र से बाहर है।
  • समुदायों के अनुरोध पर दूसरी भाषाओं के लिए भी पेशेवर अनुवादकों का प्रबंध हो सकता है ताकि सक्रिय समुदाय विकिमीडिया आंदोलन के लिए नीति निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकें।

संसाधनों का बंटवारा[edit]

  • अनुदान और संसाधनों के बँटवारे में सभी को शामिल करने के लिए, एक नई सरंचना का खाका बनाने की ज़रूरत है, जो समावेशी और सबको बराबर का मौका देने वाला हो, और मुफ़्त ज्ञान के आंदोलन के भीतर के विभिन्न घटकों संगठित ग्रुपों को, खास तौर पर उनको जो उभरते हुए समुदायों से हों, लँबे समय के लिए सशक्त बनाने में सक्षम हो।
  • संसाधनों के बंटवारे में फ़िलहाल एक मुद्दा पहुँच बनाम केन्द्र-बिन्दू (फोकस) है। सिद्धांतक तौर पर तो कोई भी अनुदान यां फंड ले सकता है, कागज़ों में तो ऐसा ही है। लेकिन इसके साथ ही इस बात पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है कि किस क्षेत्र में हमें आंदोलन को फैलाना है और उसके विकास के लिए फंड पहुँचाने हैं।
  • बराबरी के मौकों के लिए हमे केन्द्र-बिन्दु निर्धारित करने के साथ ही उन तक फंड पहुँचाने पर भी ध्यान देना होगा। मिसाल के लिए, कुछ भौगोलिक क्षेत्रों में एक खास प्रतिशत तक फंड नई सरंचनाएं बनाने और नए संगठनों की सहायता में लगाया जाना चाहिए ताकि उस क्षेत्र में नई गतिविधियाँ हो सकें और बराबरी को बढ़ावा मिले।
  • अनुदान देने की प्रक्रिया में इसे धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है, जैसे कि छोटे समुदायों को बड़ी तेजी से फंड पहुंचाए जाते हैं, लेकिन ऐसा सिर्फ छोटी मात्रा के अनुदानों में ही हो रहा है।
  • लेकिन उभरते समुदायों को मिलने वाले एफ़डीसी और साधारण एपीजी जैसे बड़े अनुदान बहुत कम हैं, क्योंकि उसके लिए हमें बड़े संगठित ढांचों की ज़रूरत होती है, जिन्हें खड़ा करना बेहद मुश्किल काम है और जो उनके लिए संभव नहीं है। अनुदान और संसाधनों के बँटवारे के मॉडल की यही सबसे ज्वलंत समस्या है।
  • संसाधनों के बँटवारे के मौजूदा मॉडल को इस तरह से बदला जा सकता है कि उभरते समुदायों को और ज़्यादा संसाधन और बड़े फंड हासिल हो सकें। बहुत सारी समस्याएँ तो अनुदान मिलने से ही खत्म हो जाएंगी।
  • इस प्रक्रिया को और सुविधाजनक बनाने के लिए इस बारे में एक स्पष्ट नीति बनाई जानी चाहिए कि कहाँ किस भौगोलिक क्षेत्र में कितने फंड दिए जाएंगे
  • संसाधनों के बँटवारे को केंद्रीकृत बनाया जाना चाहिए। क्षमता निर्माण और साझेदारी के विकास के लिए भूमिकाओं और ज़िम्मेदारियों का विकेंद्रीकरण होना चाहिए।
  • संसाधनों के बँटवारे में सबसे बड़ा मुद्दा फ़िलहाल तो शीघ्र मिलने वाले अनुदानों की रफ्तार धीमी है। ज़्यादातर मौक़ों पर तो वह नियत समय पर काम पूरा करने में असफल ही रहते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि स्वयं-सेवकों को बनाए रखना मुश्किल हो जाता है, कई महत्त्वपूर्ण भागीदारियां समाप्त हो जाती हैं और स्वयं-सेवकों को निजी तौर पर कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
  • अनुदान देने वाली टीम में और ज़्यादा कर्मचारी रखे जाने चाहिए, ताकि अनुदान देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
  • विकिमीडिया से जुड़े लोगों के दीर्घ-कालीन योगदान को पेशेवर स्तर पर बढ़ावा देना चाहिए और ज़्यादा निवेश किया जाना चाहिए, भले ही यह भागीदारी के मामले हों, क्षमता निर्माण या विकिमीडियन-इन-रैज़िडेंस मॉडल से जुड़ी तकनीकी परियोजनाएं हों, शैक्षणिक या मीडियाविकि वृत्तियाँ (इंटर्नशिप) हों, या प्रोजैक्ट मैनेजर हों।

समुदायिक स्वास्थ्य[edit]

  • बातचीत के लिए वार्ता पृष्ठ समस्याओं को साझा करने के लिए एक सुझाव बॉक्स होना चाहिए जहाँ सही और ग़लत के बारे में सुझाव दे सकें, लोगों की प्रतिक्रिया ली जा सके की वह किस तरह से सोचते या महसूस करते हैं।
  • प्रशासन और निर्णय लेने वाली मौजूदा प्रणालियों की सामाजिक और तकनीकी चुनौतियाँ सामुदायिक सवास्थ्य के निर्माण और उसके रखरखाव में रूकावट बनती हैं, बुनियादी प्रशिक्षण और नए लोगों के साथ मेल-जोल के अभ्यास (आन-बोर्डिंग) की कमी है।
  • आन्दोलन से जुड़ने वाले नए लोगों के लिए आन-बोर्डिंग प्रक्रिया के दौरान आचार-संहिता और किस तरह दोस्ताना तरीके से एक जगह रहना है, उसका उचित प्रशिक्षण होना चाहिए। कभी-कभार सांस्कृतिक वजहों से ग़लतफ़हमी खड़ी हो सकती है।
  • जिन तौर-तरीकों को कुछ इलाकों और संस्कृतियों में बिलकुल ठीक माना जाता हो, हो सकता है कि अन्य स्थानों पर उन्हें सही ना माना जाए। एक सार्वभौमिक आचार संहिता होनी चाहिए, इसका मतलब आचरण के अमरीकी तौर-तरीकों की तरफ़ झुकाव नहीं है।
  • तकनीकी मामलों में कुछ पायदान बनाए जा सकते हैं, जैसे कि अगर किसी को विभिन्न अधिकारों के लिए प्रार्थना-पत्र देना है चाहे प्रशासनिक अधिकारों, या जांचकर्ता के लिए, तब उनके लिए भरोसे और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न सवालों का जवाब देना लाज़मी होना चाहिए, उनके लिए यह बताना अनिवार्य होना चाहिए कि कैसे वह निर्णय लेंगे और मामलों को सुलझाएंगे।
  • समुदायों के भीतर सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त आचार संहिता लागू करने के लिए ऐसी कुछ चीज़ों का इस्तेमाल हो सकता है। फिर भी यह मानना होगा कि परेशानियां से निपटने के लिए कोई सार्वभौमिक नियम नहीं हैं।
  • कैसे भरोसे और सुरक्षा को बनाए रखें, स्थानीय समुदायों को के इस बारे में कुछ पता नहीं है। हर समुदाय के अपने नियम और कानून हैं।
  • आचार संहिता की स्थानीय और सार्वभौमिक नीतियों के बीच एक टकराव है।
  • कुछ समुदाय ऐसा कह सकते हैं कि उनके लिए उनके स्थानीय नियम ही सही हैं और उन्हें सार्वभौमिक नियमों की ज़रूरत नहीं है। इन दोनों के बीच एक सही सन्तुलन कैसे बनाया जाए, इसका पता लगाना बहुत ज़रूरी है।
  • हर किसी को आन्दोलन में शामिल होने की अनुमति है, लेकिन अहम बात यह है कि कैसे हम ऐसा ढाँचा खड़ा करते हैं जिसमे हर किसी का स्वागत हो, जो सबके लिए सहयोगी हो और विविधता को अपने भीतर समा सके- विभिन्न समूहों को, विभिन्न मतों, रुचियों और रंग एवं नसल के लोगों को सुरक्षित महसूस हो।

फ़ाउंडेशन के व्यापक नियमों के ढाँचे के भीतर इस बात को सुनिश्चित बनाया जा सकता है कि कैसे विभिन्न समुदाय ख़ुद को अपने तरीके से नियमित करने का मौका मिले, हर किसी की गरिमा और साझे उद्देश्यों के प्रति उनके योगदान का आदर करते हुए फ़ाउंडेशन के नियमों में सुधार भी किया जा सकता है:

  • समुदाय के भीतर स्वस्थ बने रहने की योग्यता विकसित किए बिना भी आप एक स्वस्थ समुदाय का निर्माण कर सकते हैं।
  • समुदाय को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रशिक्षण मिलना चाहिए।
  • ऐसी संस्थाएं होनी चाहिए जो क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न समुदाओं को उचित प्रशासन और नीति निर्माण में प्रशिक्षित करने की ज़िम्मेदारी लें और उनका आपस में तालमेल बिठाने में मदद करें।
  • उन्हें इस बात के लिए भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए कि वो समुदाय के भीतरी टकरावों को काबू में रख सकें।
  • परस्पर सहयोग से काम कर रहे सभी लोगों के अनुभव को और भी सकारात्मक बनाने के लिए समुदाओं में सांस्कृतिक लेन-देन व बदलाव को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
  • और ज़्यादा खुले दिल-दिमाग वाले रवैये को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, आन-लाइन या आफ़-लाइन किसी भी तरह का योगदान देने वाले स्वयंसेवक अगर किसी तरह से विकिमीडिया की नीतियों का उल्लंघन नहीं कर रहे तो उन्हें किसी भी तरह से हतोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए।