रणनीति/विकीमीडिया आंदोलन/२०१७/स्रोत/भरोसेमंद जानकारी की खोज और उन्हें साझा करने में कैसे विकास हुआ है

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१७ जुलाई की ब्लॉग पोस्ट से कॉपी किया गया।

विकिमीडिया फाउंडेशन ने ज्ञान साझाकरण के विकासशील इतिहास के बारे में विशेषज्ञों के साथ तीन अनौपचारिक चर्चाएँ की।

Old book bindings.jpg

कभी-कभी यह महसूस हो सकता है कि दुनिया पहले से ज्यादा तेज़ी से बदल रही है, और यह भूलना आसान है कि हम ज्ञान निर्माण की ऐतिहासिक समयरेखा में सबसे आगे रह रहे हैं जो सदियों से और संस्कृतियों, भाषाओं और प्रौद्योगिकियों के बीच विकसित हुए हैं।

विकिमीडिया फाउंडेशन ने हाल ही में ज्ञान साझाकरण के विकास के इतिहास पर विशेषज्ञों के साथ तीन "अनौपचारिक" चर्चाएँ की जिसके साथ आज की आधुनिक चुनौतियों को समझने के लिए मूल्यवान संदर्भ प्रदान करते हुए और कल के वैश्विक विकिपीडिया समुदाय को बनाए रखने और बड़ा करने के अवसरों के बारे में बात हुई। हमारे द्वारा आमंत्रित तीनों विशेषज्ञों (पैंथिया ली, एडम हौशशिल्ड, और उजो इवेला ने अन्य परियोजनाओं के प्रमुख पहलुओं को प्रतिध्वनित किया जिसको फाउंडेशन ने विकिमीडिया के भविष्य को समझने के व्यापक प्रयास के भाग के रूप में संगठित किया है।

नीचे उन दो प्रमुख विषयों का सार है जो चर्चाओं से बाहर आये, जिनमें से प्रत्येक को पूर्ण वीडियो और प्रतिलेखों के साथ पोस्ट किया गया है।

स्रोतों और सूचना के वितरण के तरीकों दोनों में हमारा विश्वास विकसित हो रहा है। लोग पारंपरिक ज्ञान संस्थानों की विश्वसनीयता के प्रति दृष्टिकोण बदल रहे हैं और अधिकतर लोग सूचनाओं को खोजने और साझा करने के लिए निजी तौर पर बनाए गए तरीकों को इस्तेमाल करना पसंद करते हैं जो ज्ञान उन लोगों से आता जो हमारे लिए विश्वासनीय हैं। यह विशेष रूप से युवा पाठकों के लिए सच है, यह बात पैंथिया ली के साथ हमारी चर्चा में से सामने आई। पैंथिया रिबूट में लीड डिजाइनर है जो एक शोध डिजाइन कंपनी है और रिबूट ने नाइजीरिया और भारत में नया रीडर प्रोजेक्ट शुरू करने में हमारी मदद की।

"हम देखते हैं कि बहुत सारे युवा लोग वीलॉगर्स और ब्लॉगर्स के कामों को देखते-सुनते हैं ... वह कुछ तरीकों से भरोसेमंद बन गए हैं जिसके सामने विकिपीडिया सामग्री की विश्वसनीयता या आसानी से उपयोगता देखनी मुश्किल है," ली ने उल्लेख किया। उनहोंने वह भी कहा कि फाउंडेशन के काम का भविष्य में एक संभावित पहलू मॉड्यूलर विकिपीडिया संसाधनों और उपकरणों को चैनल-आधारित समुदायों में शामिल करने के का हो सकता है जहाँ युवा पाठक विश्वासनीय जानकारी को खोज, बना सकते हैं और उन लोगों के साथ साझा कर सकते हैं जो उनके लिए परंपरागत प्रकाशकों से ज्यादा भरोसेमंद हैं।

Weakened trust in traditional education institutions may be accelerating an interest in personal knowledge creation and sharing, as well. “People are hungry for alternative sources of knowledge,” said Uzo Iweala, a physician, author, Foundation advisor, and CEO and editor-in-chief of Ventures Africa.

Expanding to new readers can also carry a challenge of verification. Sources of knowledge that may be considered of lower value in certain communities, like oral storytelling, are trusted, primary sources in others. Iweala shared a personal example: “We can trace back [my own lineage] to maybe the 1400s, but no one would believe because the start of that is in the 1800s, when the British came in and started keeping paper records. But the stories go back way, way further.”

बाधाओं के सामने रचनात्मकता ज्ञान साझाकरण के शानदार नए तरीकों को प्रेरित कर सकती है। एडम हौस्च्चिल्ड, मदर जोन्स का सह-संस्थापक, ने ज्ञान साझाकरण के इतिहास की समीक्षा की, कुछ शक्तिशाली उदाहरण प्रदान करते हुए बताया कि लोगों ने सूचना-साझा करने के सामने अवरोधों का समाधान कैसे किया।

Hochschild pointed to his study of London in the month of February 1788, where “half the debates on record are about slavery or the slave trade.” Adam wanted to know what caused the dramatic spike in the recorded discussion of slavery. His search led him to discover a remarkably brilliant use case in format-based activism.

“A very well organized small group of ardent abolitionists began experimenting” with use of pamphlets and inspired the creation of a famous poster (below), he told us, depicting the stowage of the British slave ship Brookes under the regulated slave trade act of 1788.

Slaveshipposter.jpg

होशशिल्द ने कहा कि इस पोस्टर ने गुलामी को खत्म करने के लिए सार्वजनिक समर्थन को मजबूत करने में सहायता की:

The printing of black and white graphics had been around, you know, for a century. But they began using this for their purposes, and one result of all that you’ve seen as a famous poster of a slave ship … You read memoirs from this period and you find many people writing about the impact it had on them when they first saw the slave ship poster.

In a more modern example of innovation in storytelling-based solutions to recording and sharing knowledge, Hochschild pointed to The People’s Archive of India, which documents exactly the kind of information that local news organizations have avoided historically, such as traditional songs which scholars can now use for research.

It’s a bit overwhelming to think about all the stories which have never been shared only because there isn’t a way to do so yet. The good news is that history, and the work of communities around the world today, show that it’s possible to build a future for knowledge sharing across new generations and cultures. All we need is creativity, dedication, trust, and an acknowledgement that things will change again.

जिस ज्ञान पर आपको विश्वास है, क्या उसे खोजने और साझा करने के तरीकों में अंतर आया है? आप ज्ञान बांटने में भाग लेने के तरीकों के बारे में जानने के लिए हमारी चर्चा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं, और हमें आपके सामने आने वाली चुनौतियों (और अपने पसंदीदा रचनात्मक समाधान) के बारे में बताएँ।

मार्गारीटा नोरीगा, रणनीति सलाहकार, संचार, विकिमीडिया फाउंडेशन

हर अनौपचारिक चर्चा की विडिओ और प्रतिलिपि कॉमन्स पर उपलब्ध है।