आंदोलन रणनीति 2030: हिंदी सामुदायिक रिपोर्ट जून 2019

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हिंदी मासिक रिपोर्ट जून सोशल मीडिया चैनलों, भेंट-वार्ताओं (interviews) और चौपाल पर चलने वाली चर्चाओं पर आधारित रिपोर्ट है। यहां सूचीबद्ध अधिकांश बिंदु अलग-अलग उपयोगकर्ताओं द्वारा साझा किए गए हैं और एक सूची में यहां संकलित किए गए हैं। समुदाय के सदस्य अभी भी स्कूपिंग दस्तावेजों के वार्ता पृष्ठ पर या कोर टीम द्वारा जारी किए गए सर्वेक्षण के माध्यम से प्रतिक्रिया प्रदान करना जारी रख सकते हैं।

चर्चा में भाग लेने वालों की संख्या[edit]

इस महीने लगभग 10 लोग चर्चा में शामिल हुए, टेलीफ़ोन, ईमेल और सोशल मीडिया के विभिन्न चैनलों के माध्यम से उनके साथ निजी भेंट वार्ताएं की गई। यहाँ दिए गए ज़्यादातर मुद्दे अलग-अलग उपयोगकर्ताओं द्वारा ही सामने लाए गए हैं, जिन्हें यहाँ सूचीबद्ध किया गया है।

भाग लेने वालों की पृष्ठभूमि[edit]

10 उपयोगकर्ताओं में 3 महिलाएं और बाकी सभी संभवत: पुरुष हैं। भाग लेने वालों में कई तरह के लोग शामिल हैं, जिनमें कई विकिमीडिया की विभिन्न परियोजनाओं के आनलाईन सम्पादक हैं, इनके इलावा प्रसार कार्यों में तालमेल बनाने में योगदान देने वाले, गलैम (GLAM) और शैक्षणिक भागीदारी में आफ़लाईन काम करने वाले लोग हैं। भाग लेने वालों में 80% वह लोग हैं जो इस समय विकिमीडिआ लहर में लीडर हैं।

चर्चा के विभिन्न माध्यम[edit]

चर्चा चौपाल, सोशल मीडिया के विभिन्न चैनलों पर और अलग-अलग लोगों से व्यक्तिगत साक्षात्कार के रूप में हुई। इच्छुक सदस्यों में ज़्यादातर व्यक्तिगत साक्षात्कार देने में रूचि रखते थे और उसमे सहज महसूस करते थे, चौपाल, विकी पर तथा सोशल मीडिया ग्रुपों का इस्तेमाल ज़्यादातर सूचना और जानकारियाँ देने के लिए ही किया गया।

  • हिन्दी विकिसोर्स मैसेंजर ग्रुप: यह ग्रुप हिन्दी विकिसोर्स समुदाए के सभी सक्रिय सम्पादक हैं। इसके अलावा अल्पसंख्यकों के लिए हमारा एक निजी मैसेंजर ग्रुप भी है, इसमें 27 से ज़्यादा सदस्य हैं।
  • आन-विकी पेज और मेटा टॉक पेज: हमने विभिन्न परियोजनाओं पर आन-विकी पेज बनाए हैं, जिनमे आंदोलन की रणनीति, समुदाय के भीतर होने वाली चर्चा और काम करने वाले विभिन्न ग्रुपों और उनके विषयों का सारांश दिया जाता है। इसके साथ ही हमने अपने सामुदायिक वार्तालापों की टाइम-लाइन की संक्षिप्त जानकारी भी दी है, जहाँ 9 ग्रुपों द्वारा विभिन्न विषयों से जुड़े दस्तावेज़ों को मेटा वार्ता पृष्ठों के साथ जोड़ा जाता है।
  • वाट्सऐप ग्रुप: हिन्दी समुदाय के वाट्सऐप ग्रुप में विकिमीडिया की विभिन्न आन-लाइन और आफ-लाइन परियोजनाओं से जुड़े 35 से ज़्यादा लोग शामिल हैं।
  • व्यक्तिगत विचार-विमर्श: ईमेल, चैट और टेलीफोन भेंट-वार्ता के ज़रिए रूचि दिखाने वाले सदस्यों के साथ निजी रूप से चर्चा की गई।
  • चौपाल: दूसरे ओपन चैनलों की तरह गाँव की चौपाल के पास भी फ़ीडबैक या प्रतिक्रिया देने के मौके बहुत कम या ना के बराबर ही हैं। हम चौपाल को हिन्दी विकिपीडिया, विकिपुस्तक, विकिसूक्ति, विकिविश्वविद्यालय, विकियात्रा और विक्शनरी पर जानकारियाँ भेज रहे हैं। फ़िलहाल यह चैनल समुदाय के सदस्यों को रिपोर्ट की स्थिति और जानकारी हासिल करवाने के उद्देश्य को पूरा कर रहे हैं। अलग-अलग व्यक्तियों से व्यक्तिगत भेंट-वार्ताओं के जरिए सुसंगत और सिलसिलेवार प्रतिक्रियाएँ प्राप्त की गई की गई हैं।

विषय[edit]

  • संसाधन आबंटन
  • विविधता
  • सहभागिताएं
  • क्षमता निर्माण
  • सामुदायिक स्वास्थ्य
  • उत्पाद और प्रौद्योगिकी
  • हिमायत

निकट भविष्य के काम[edit]

जुलाई का महीना दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले कार्यनीति और युवा सैलून के कामों में व्यतीत होगा, यह युवा सैलून विभिन्न सहयोगी दलों द्वारा विकिमीडिया समुदाय और युवा सैलून से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों द्वारा आयोजित करवाए जा रहे हैं| हमने हिन्दी भाषाई लोगों के लिए, जो अपनी प्रतिक्रिया को पूरी तरह से अनाम रखना चाहते हैं, गूगल फार्म के जरिए से सभी 9 विषयों के लिए एक सर्वेक्षण तैयार करवाया है, जिनमें सभी विषयों से जुड़े चुनिंदा सवालों के अलग-अलग सैट बनवाए गए हैं| सर्वेक्षण प्रतिक्रिया अलग-अलग विषयों के लिए स्वैच्छिक रूप से काम कर रहे कार्यकारी दल के सदस्यों तक सीधे पहुँच जाएगी| कार्यनीतिक और युवा सैलून एक ही दिन के होंगे जिनमें सहयोगी चुनिंदा विषयों पर रणनीतिक चर्चा करेंगे और कार्यकर्म को सफल बनाने और उसके बाद की रिपोर्टों को सुनिश्चित बनाने के लिए यह रणनीति प्रबंधकों के साथ तालमेल रखते हुए ही बनाई जाएगी और यह काम जुलाई से अगस्त महीने तक जाएगा|

मुख्य बिन्दु[edit]

संसाधन आबंटन[edit]

  • संसाधनों का बंटवारा कैसे लँबे समय के लिए उन ढांचों को मजबूत बना सकता है जो मुक्त ज्ञान की इस लहर से जुड़े विभिन्न घटकों के हाथ में शक्ति प्रदान करते हैं? कैसे यह शक्ति संसाधनों के बंटवारे से जुड़ी हुई है और कैसे हम संसाधनों के बंटवारे को परिवर्तन लाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं?
  • जहाँ तक पैसों का मामला है, संसाधनों का एक बड़ा हिस्सा एपीजी अनुदानों के साथ यूरोपियन समुदाओं को जा रहा है| उभरते हुए समुदायों के लिए उन्हें तेजी से फंड मिल रहे हैं| मिलने वाले अनुदानों को अगर बिलकुल नीचे से देखा जाए, तो यह नज़र आता है कि उभरते हुए समुदाय पीछे छूट रहे हैं|
  • बड़े अनुदानों का, जैसे किसी प्रोजैक्ट या सम्मेलन के लिए मिलने वाले फंड, सिर्फ़ 2-3% हिस्सा ही उभरते समुदायों से आता है|
  • छोटे अनुदान और भी बड़ी मात्रा में दिए जाने चाहिए| न्याय-संगत बराबरी के लिए उभरते समुदायों में निवेश की एक नीति होनी चाहिए|
  • अनुदान देने के मामले में ऐसा कोई ढंग तरीका होने चाहिए जिससे उन लोगों को मदद मिले, जिनकी तरफ से ऐसे किसी प्रस्ताव की संभावना हो, और वर्तमान अनुदानकर्ताओं को भी सफल परियोजनाओं की दर बढ़ाने में मदद मिले- ऐसा फंड (grants) की रूप में भी हो सकता है और कर्मचारियों की सुविधा के रूप भी|
  • वर्तमान में अनुदानों की समीक्षा और रिपोर्टों के मूल्यांकन की प्रक्रिया बहुत धीमी है| मिसाल के लिए स्टाफ़ की तरफ़ से कोई होना चाहिए जो छोटी परियोजनाओं की पहचान करे, जैसे कि ऐसी परियोजनाएं जिनमें काफ़ी अच्छी संभावनाएं हों, उन्हें तेजी से अनुदान मिलें और तुरंत आगे बढ़ाई जा सकें, और पहलकदमी करके ऐसे लोगों से सम्पर्क बनाया जाए और बड़े वित्तीय अनुदान हासिल करने में उनकी मदद की जाए|
  • एपीजी सरंचनाओं (FDC Grants) का ध्यान फ़िलहाल सिर्फ विकिमीडिया सहयोगियों पर ही केन्द्रित है| कुछ बड़े अनुदान और भी उदारता से ऐसी संस्थाओं को दिए जाने चाहिए जो ऐसे ही कामों में लगी हों| अभी तो सत्ता बहुत ही सीमित दायरे में केन्द्रित है और अनुदानों के बँटवारे का ऐसा प्रबंध सत्ता को निचले हलकों तक फ़ैलाने में मदद करेगा, जो कि इस लहर को स्वस्थ और संतुलित बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी है|
  • संसाधनों का बँटवारा अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से, या योजनाओं के मुताबिक भी किया जा सकता है, जैसे कि, शिक्षा, ग्लैम, या आउटरीच (Outreach)| कुछ ऐसे संगठनों की पहचान और मदद की जा सकती है जो किसी खास इलाके में काम के दायरे को बढ़ा सकते हैं, जो किसी विशेष क्षेत्र में विकिमीडिया आन्दोलन की सक्रिय सहयोगी हो सकते हैं और उसके लिए काम कर सकते हैं|
  • संसाधनों को हासिल करने वाले कौन लोग होंगे? कैसे हम सीमाएं तय करते हैं, कौन सी और क्या-क्या चीज़ें उनके दायरे में आती हैं?
  • बुनियादी और ज़मीनी स्तर वर्कशाप्स\कार्यशालाओं को और बढ़ावा दिया जाना चाहिए और सिर्फ़ विविधता की खातिर ही संसाधनों का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए| मिसाल के लिए, विभिन्न सम्मेलनों में औरतों के लिए जो सीटें रिज़र्व रखी जाती हैं, महिला उम्मीदवारों के ना होने पर भी उन्हें पुरुषों में नहीं बाँटा जाता|
  • दिए गए संसाधनों के हमारे समुदाओं और संसार पर किस तरह के असर होने चाहिए? हमारी जवाबदेही किसके प्रति होगी और किस तरह से हम उसे व्यवस्थित करेंगे?
  • आन्दोलन के विकास में एक सन्तुलन बनाए रखने के लिए और ज़्यादा कोशिशों की ज़रूरत है| परियोजनाओं में विविधता होनी चाहिए ताकि लंबे समय तक एक उचित समानता बनी रहे| मिसाल के लिए एक ही तरह की विकी लव्स परियोजनाएं और एडिट-ए-थोन जैसी चीज़ें दोहराव और बोझलता पैदा करती हैं जो लँबे समय में आन्दोलन के विकास के लिए घातक होगा| बार-बार एक सी ही परियोजनाओं में निवेश करने की बजाए दुनिया के अलग-अलग कोनों में अलग-अलग परियोजनाओं और नए से नए क्षेत्रों में तजुर्बे किए जाने चाहिए ताकि सामग्री और संपादकों में सुसंगतता बनी रहे|
  • फंड मिलने में देरी: फ़ाउंडेशन की टीम जब किसी अनुदान को देने या न देने को ले कर उसकी समीक्षा करती है, जिसके बाद में वो फंड दिए जाते हैं, उसमें समय का ध्यान बिलकुल नहीं रखा जाता| कई बार तो फंड तब मिलते हैं जब प्रोग्राम हो चुका होता है|
  • शीघ्र मिलने वाले फंड की निम्नतम सीमा: दुनिया के दक्षिणी हिस्सों में डालर की कीमत मुकाबलतन बहुत ऊँची है और कई प्रोग्रामों के लिए शीघ्र मिलने वाले यह फंड बहुत ज़्यादा हो सकते हैं| उसके बदल के रूप में छोटे और कम राशि वाले अनुदानों की सुविधा होनी चाहिए|
  • रिपोर्टों पर समुदाय की समीक्षा: फंड तभी दिए जाते हैं जब किसी योजना को समुदाय का समर्थन हासिल हो, लेकिन बाद की रिपोर्टों पर समुदाय को समीक्षा के अधिकार नहीं हैं| समीक्षा का अधिकार सिर्फ़ फ़ाउंडेशन स्टाफ़ के पास ही क्यों है? समुदाय के पास भी समीक्षा का अधिकार लाज़मी तौर पर होना चाहिए|

सहभागिताएं[edit]

  • हम विकिमीडिया का निर्माण खुले ज्ञान और "बिग ओपन" आंदोलन की साझा दृष्टि पर आधारित प्रभावशाली साझेदारियों, गठबंधनों, और सामूहिक कार्रवाई के एक प्रभावी संयोजक में कैसे कर सकते हैं?
  • सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि हम अपने ही समुदायों तक सिमट गए हैं और मोज़िला, क्रिएटव कॉमनस चैप्टर (Creative Commons) जैसे दूसरे खुले संगठनों और उनके समुदायों से नहीं जुड़े हैं| उनके लक्ष्य भी मिलते-जुलते हैं लेकिन एक समुदाय के तौर पर हम उनसे पूरी तरह टूटे हुए हैं| हो सकता है कि विभिन्न स्तरों पर विकिमीडिया फ़ाउंडेशन क्रिएटव कॉमन के साथ बाक़ायदा तौर पर जुड़ा हो, लेकिन निचले स्तर पर, विकिमीडियन समुदाय के रूप में हम दूसरे मुक्त संगठनों के समुदाओं से अलग रहते हैं|
  • हम ‘समस्त ज्ञान का योग’ साझा करने के लिए एक प्रभावी भागीदार होने के लिए और हमारे भागीदारों के लिए सेवा के रूप में ज्ञान के स्वप्न को पूरा करने के लिए तकनीकी बुनियादी ढांचे, क्षमताओं और समर्थन का विकास कैसे करें?
  • फिलहाल, जैसे कि हमने ‘स्पेस विकिमीडिया’ बनाया है, ऐसे ही कुछ और मँच या पोर्टल हो सकते हैं, जहाँ विशाल मुक्त आंदोलनों से जुड़े सभी लोग मिल कर कोई योजना बना सकते है और एक साथ कुछ कर सकते हैं|
  • अभी तक संचार के जितने भी मँच है वो सब विकिमीडियन समुदाय से जुड़े हैं, लेकिन उन सभी को (खुले आन्दोलन के भागीदारों और उनके समुदायों) एक साथ लाने और उनके साथ सहयोग करने और एक सीधी भागीदारी शुरू करने के लिए एक साँझा मँच शुरू किया जा सकता है|
  • भले ही यह सामग्री की साझेदारी का मामला हो, बुनियादी ताना-बाना ही मौजूद नहीं है, विकिमीडिया परियोजनाओं की सूचनाओं को आपस में जोड़ने के लिए ही ढंग के दस्तावेज तैयार नहीं हुए हैं|
  • ऐसे कामों के लिए वेतन दे कर लोगों से काम पर लगाना भी मुश्किल है| साझेदारी करने की और कैसे हम सामग्री जारी करते हैं और बिना किसी खास विशेषज्ञता के एक-दूसरे से जोड़ते है, इस सबकी एक सीधी-सादी प्रक्रिया होनी चाहिए|
  • सूचनाओं और आंकड़ों को जोड़ने वाले उपकरण भी आसानी से नहीं मिलते| फ़िलहाल तो जो भी है स्वयंसेवकों द्वारा ही बनया गया है और उन्हें सुधारने के भी कोई उचित साधन उनके पास नहीं है, या जो आधे-अधूरे दस्तावेज हैं वह भी स्वयंसेवकों की ही देख-रेख में बने हैं, पूरे आन्दोलन के स्तर पर फ़ाउंडेशन द्वारा विकसित किए हुए नहीं हैं|
  • उभरते हुए समुदाओं के पास काम करने वाले लोगों और फंडों की कमी है| संगठन का ऐसा कोई विश्वसनीय ढाँचा नहीं है जिसका इस्तेमाल ऐसी साझेदारियों, श्रम-शक्ति और फंड की कमी को पूरा करने के लिए किया जा सके|
  • हम साझेदारियों पर काम करने वाले लोगों और संगठनों को कैसे सशक्त बना सकते हैं कि उन्हें विविध, टिकाऊ, प्रभावी और प्रभावशाली साझेदारी करने की हमारी क्षमता को पूरा करने के लिए आवश्यक समर्थन प्राप्त हो?
  • स्वयंसेवकों के पास स्थानीय भागीदार और फ़ाउंडेशन की तरफ़ से कोई सहयोग नहीं होता कि अधिकारक तौर पर वो जीएलएएम के संस्थानों या इकाइयों के साथ भागीदारी कर सकें, मिसाल के लिए अधिकारिक ईमेल आईडी| फ़ाउंडेशन हर देश में स्वयंसेवकों के लिए इतने संसाधन नहीं जुटा सकता| हर देश में ऐसे संगठन हैं जो इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं| मिसाल के लिए हर देश में ऐसे कुछ संघ होते हैं, जैसे इंडियन लाइब्रेरी ऐसोसिएश्न, इंडियन कौंसिल आफ़ म्यूज़ियम आदि| हम ऐसे संस्थानों तक पहुँच कर सकते हैं, और उन्हें यह बता सकते है कि हम संसाधन जुटा रहे है और इसमें हमें उनकी मदद चाहिए, और संसाधन जुटने शुरू हो जाते हैं, और बाद में उन्हें भागीदारी में बदला जा सकता है|
  • कुछ इलाकों में क्षेत्रीय स्तर के सहयोगी नहीं हैं इसलिए इस काम का ज़्यादातर हिस्सा स्वयंसेवकों द्वारा फ़ाउंडेशन की तरफ़ से बिना किसी मानवीय और वित्तीय सहायता के ही किया जाता है| सहायता प्रदान करने से पहले इस बात पर एक सर्वेक्षण और खोज की जानी चाहिए कि अमरीका, एशिया और दूसरे क्षेत्रों में साझेदारी के किस-किस तरह के रूप प्रचलित हैं|
  • सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर, उन समुदाओं की ज़रूरतों, मांगों और उन्हें किस तरह के संसाधन चाहिए, उसी मुताबक उनकी सरंचनात्मक सहायता की जानी चाहिए| उसके लिए विभिन्न क्षेत्रों की शाखाओं, विषयगत संगठनों और आन्दोलन के भागीदारों के साथ मिल कर एक योजना बनाई जा सकती है|
  • हम सहयोग और साझेदारियों पर ज्ञान, कौशल और प्रथाओं को साझा करने की एक समावेशी, आंदोलन-व्यापी संस्कृति कैसे बनाएं - ताकि आंदोलन में हर कोई भाग ले सके और उनसे लाभ उठा सके?
  • सबसे पहले तो हमे अलग-अलग सन्दर्भों में यह देखने होगा कि कहाँ क्या संभावनाएं हैं| किस चीज़ की कमी है| किस चीज़ की हमे हिमायत करनी चाहिए| मिसाल के लिए भारत में यह भागीदारी हो सकती है, कोई भी भागीदारी शुरू करने से पहले विभिन्न सरकारी संस्थाओं से सलाह-मशवरा कर लेना चाहिए| मिसाल के लिए भारत का राष्ट्रीय पुस्तकालय, जिसमें हर उस किताब की दो प्रतियाँ मौजूद हैं, जो कभी भारत में छपी, इसलिए उनका संग्रह सचमुच ही बहुत बड़ा है| पर नौकरशाही बहुत ज़्यादा है और साझेदारी से पहले सलाह-मशवरे की ज़रूरत है| इसलिए विकिमीडिया समुदाय और उस विषय-क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं को, जो पहले से भागीदारी में हैं, एकदम स्पष्ट और खुले रूप से यह दिखाना होगा कि इन भागेदारियों की ज़रूरत क्यों है और उनका क्या महत्व है|
  • विकिमीडिया के साथ साझेदारी के लिए कैसे हम, आईएसएलए, सेंट्रल इंटरनेशनल स्टेशन जैसे, पुस्तकालयों के कुछ अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ राष्ट्रीय स्तर का संबंध बना सकते हैं|
  • साझा करने से पहले, विभिन्न क्षेत्रों में चल रही साझेदारियों के दस्तावेज तैयार किए जाने चाहिए| सभी साझेदारियों, सारे संबंधित कौशलों, स्रोतों और तकनीकों, रिपोर्टों और जो भी ज्ञान सीखा हो, उन सबका एक सूची-पत्र (कैटालाग) अच्छी तरह से तैयार किया जाना चाहिए|
  • अध्ययन से हम यह पता लगा सकते हैं कि कौन सा सहयोगी किस साझेदारी में शामिल है और किन क्षेत्रों में कभी कोई साझेदारी नहीं हुई, इस तरह हम यह तय कर सकते हैं कि उस क्षेत्र में किस तरह की ग्लैम साझेदारियां और साझे काम शुरू किए जाने चाहिए| पहले की सफल साझेदारियों से जुड़ी कहानियां उन क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए सजगता और सीखने का एक स्रोत हो सकती हैं|

क्षमता निर्माण[edit]

  • प्रक्रियाएं व प्रणालियाँ जो क्षमता निर्माण में मदद करेंगे: बुनियादी बात यह है कि आन्दोलन में नए संपादकों को लाना और पहले से काम कर रहे संपादकों का हौसला बढ़ाना उनकी क्षमता के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है| इस बारे में हमारी पहुँच बहुत ही शुरूआती स्तर की है और समुदाय अपनी गतिविधियों (एडिट-ए-थोन्स, प्रशिक्षण कार्यशालाएं) के अनुपात में आगे नहीं बढ़ रहे हैं|
  • जब हम दायरे से बाहर जा कर काम करते हैं तो समुदाय के विकास को निर्धारित करने में उनकी संख्याएं कोई उचित पैमाना नहीं हैं| मिसाल के लिए, कितनी बाइट्स बढ़ी और कितने लोगों ने उनमें हिस्सा लिया| यह सारी बातें समुदाय की वृद्धि के विश्लेषण के कारगर तरीके नहीं हैं, कामयाबी का अंदाज़ा एक पूरी योजना के आधार पर ही लगाया जा सकता है, एक दिन की वर्कशाप के आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि इस बात से कि कितने लोग रोज़ाना स्तर पर संपादन के काम में जुटे हैं|
  • संपादकों को निरंतर किसी परियोजनाओं में शामिल रखते हुए हमे हमेशा उनके साथ संपर्क में रहना चाहिए| वर्कशाप की कोशिशों की बजाय एक स्थाई परियोजना में जुटे रहने की कोशिशें ही समुदाओं के असल विकास के लिए ज़रूरी हैं|
  • संगठनात्मक विकास: हमें समुदायों के विकास की ज़रूरत है, इस समय तो उनके स्वास्थ की हालत काफ़ी खराब है| सत्ता में विकेंद्रीकरण और निष्पक्षता लाने के लिए आन्दोलन को नए संपादकों की ज़रूरत है, उसी से ही समुदाय के सवास्थ्य को बेहतर बनाते हुए और स्थिरता को कायम रखा जा सकता है| क्षमता के विकास के लिए अक्सर बहुत सारी कोशिशों की, फंड और समय लगाने की ज़रूरत होती है|
  • अनुदान: मापदंड यह नहीं होना चाहिए कि कितने संपादक हिस्सा ले रहे हैं और एडिट-ए-थोन में कितनी बाईट्स की बढ़ौतरी हुई है बल्कि यह देखा जाना चाहिए कि कितने संपादक ऐसे थे जिन्होंने 6 महीने बाद भी काम जारी रखा और उसी के आधार पर ही अनुदान दिए जाने चाहिए| अनुदान के ऐसे प्रस्तावों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए जिनका सारा ज़ोर किसी एक प्रोग्राम के गिर्द होने वाले क्षणिक विकास पर हो|
  • जब वह इस नीति को बढ़ावा देना शुरू करेंगे, तो तीन-चार सालों में ही एक बड़ी तब्दीली देखने को मिलेगी|
  • क्षमता निर्माण में संचार\संवाद की भूमिका, संचार को पूरे आन्दोलन के साथ जोड़ कर देखना
  • संचार के लिए प्रेरणा अभियान जैसी परियोजनाओं ने बहुत बढ़िया काम किया है|
  • संगठनात्मक विकास: अलग-अलग अंतर्राष्ट्रीय समुदायों के बीच में आपसी संचार एकदम गायब है| समुदाय एक-दूसरे से हटे हुए हैं, जिस वजह से कौन सी परियोजनाओं चल रही हैं और कौन से नए उपकरण विकसित हुए हैं, जिनका इस्तेमाल विभिन्न समुदायों में हो रहा है, इन मामलों में उनके ज्ञान में बहुत बड़ी खाई आ गई है|
  • इस खाई को विभिन्न समुदायों के बीच परस्पर सहयोगी परियोजनाओं के जरिए पाटा जा सकता है| इसके अलावा सभी अनुदानकर्ताओं के लिए एक तरह की बड़ी प्रणाली शुरू की जा सकती है, जिसमे सहकर्मी सीधे रूप से एक-दूसरे के साथ जुड़ें, नए भी और पुराने भी, ताकि जब नए अनुदानकर्ता एक से अनुदानों के लिए आवेदन करें तो अपने पुराने तजुर्बों से उनका मार्गदर्शन कर सकें| इसी तरीके से उस ज्ञान को दूसरे समुदायों तक तेजी से पहुँचाया जा सकता है|
  • मिसाल के लिए विकिमीडियन समुदाय के लोगों में रिहायशी अदला-बदलियों का नेटवर्क डब्लिउआईआर से जुड़े नए लोगों की उनकी परियोजना में मदद कर सकता है|

सामुदायिक सवास्थ्य[edit]

सामुदायिक स्वास्थ्य बनाने और बनाए रखने के लिए वर्तमान प्रशासनिक और निर्णय लेने की प्रणाली के भीतर वर्तमान सामाजिक और तकनीकी चुनौतियाँ क्या हैं?

  • समुदायों में संवाद- ज़्यादातर समुदाय विकी की बजाए अनौपचारिक सोशल मीडिया के चैनलों पर ही चर्चा करते और निर्णय लेते हैं| विकिमीडियन समुदाय को दुविधा के समय में ही ऐसे चैट (चर्चा) ग्रुपों का इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन इसकी बजाए वह वहाँ पर उन चर्चाओं के आधार पर निष्कर्ष निकलने, नीति-निर्माण और अनुदानों जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा करते हैं| ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शामिल करने और पारदर्शिता लाने के लिए सोशल मीडिया के ऐसे चैनलों को नियमित बनाए जाने की ज़रूरत है|
  • ऐसी ही चैनल झगड़ों और टकराव की जड़ हैं| क्योंकि वहाँ कोई नियम कानून लागू नहीं होता, लोग गाली गलौज की भाषा से भी गुरेज नहीं करते, एक सार्वजनिक स्थान की नीति के मुताबिक दोस्ताना सीमाओं का भी ध्यान नहीं रखते और हद से गुज़र जाते हैं|
  • फ़ाउंडेशन की व्यापक शर्तों के दायरे में रहते हुए और हर किसी के मान-सम्मान और साझा लक्ष्यों में उनके योगदान का आदर सत्कार करते हुए, साथ ही साथ समुदायों की ख़ुद को चलाने की क्षमता में सुधार कैसे किया जाए?
  • हालाँकि ऐसी तब्दीलियाँ संसार स्तर पर सभी समुदायों में तो लागू नहीं हो सकती, लेकिन कुछ उभरते हुए समुदायों में तज़ुर्बे के तौर पर हम इनकी शुरूआत कर सकते हैं- ऐसा प्रशासनिक तानाबाना बनाने में उनकी मदद करते हुए किया जा सकता है जहाँ वो हर मामले में पूरी तरह से फ़ाउंडेशन पर निर्भर रहने की बजाए ख़ुद अपनी नीतियां बना सके, अपने भीतर के झगड़ों को ख़ुद सुलझा सकें|
  • एक अच्छे प्रबंध और प्रशासन के लिए एक सुचारू तानाबाना बुनने की ज़रूरत होती है- यह फ़ाउंडेशन द्वारा दिए गए प्रशिक्षण से हो सकता है, शुरू में कुछ चुनिंदा समुदायों या समूहों को एक साल भर के लिए यह प्रशिक्षण दिया जा सकता है, जो में पूरी तरह से उनकी निगरानी में हो, फिर अगले साल इस बात का जायजा लिया जा सकता है कि जिन सहयोगियों को ऐसा प्रशिक्षण दिया गया था, उनका काम-काज कैसा चल रहा है, क्या उसमे कुछ बेहतरी हुई है|
  • अच्छे स्वास्थ्य के लिए यह ज़रूरी है कि समुदाय में वृद्धि होती रहे| पुराने संपादकों की सीमित सँख्या मौजूदा और नए दोनों ही तरह के संपादकों के लिए एक टकराव का माहौल खड़ा कर सकती है, इसलिए निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह ज़रूरी है कि समुदाय में फलने फूलने की क्षमता बनी रहे|
  • सारे ही समुदायों में सर्व-सम्मति से स्वीकार हुए कार्य-व्यवहार को लागू करने, बनाए रखने और मजबूत करने में सरंचनाओं की क्या भूमिका हो सकती है?
  • जब एफकॉम समिति जो यूजर-ग्रुपस को मंज़ूरी देती हैं, उनकी एक शर्त यह भी हो सकती है कि उन यूजर-ग्रुपों के अपने उप-नियम और आचार संहिता का दस्तावेज हो| एफकॉम द्वारा लाइसेंस जारी किए जाने के बाद भी इस बात को यकीनी बनाया जाना चाहिए कि वो यूजर-ग्रुप अपनी आचार संहिता का ठीक से पालन कर रहे हैं|
  • विकिपीडिया की हर चौपाल और मैटा विकी के पास आचार संहिता का दस्तावेज़ होना चाहिए, और उस पेज पर लोग अपनी टिप्पणियाँ भी कर सकें कि उन समुदायों के लिए क्या ठीक हो सकता है और क्या नहीं|

विविधता[edit]

  • ऐसे कदम जो हर हिस्सेदार को उठाने चाहिए ताकि विभिन्न मंचों पर (भाषाई, तकनीकी, परस्पर-संपर्क (interfaces) और खोज कार्य से जुड़े संगठन, मौखिक और दृश्य माध्यम से जुड़ी तकनीकी मँच) भाषाई विविधता को यकीनी बनाया जा सके, और इस बात को पक्का किया जा सके कि विविध भाषायों को भरपूर से भरपूर प्रतिनिधिता मिले और साथ ही शरीरिक और बौद्धिक चुनौतियों वाले लोगों को भी हमारे आन्दोलन में हिस्सा लेने के पूरे मौके मिलें|
  • नए पाठकों का कार्यक्रम बहुत अच्छा है- पाठकों की संख्या बढाएं और संपादकों को लँबे समय तक बनाए रखें| आप उन्हें पाठक के रूप में शुरूआत करने के लिए कहें, उन्हें बताएं कि विकिपीडिआ और उसकी सभी परियोजनाओं का कैसे इस्तेमाल करना है|
  • कला से जुड़े छात्रों को हम उन छवियों\चित्रों का उपयोग करना सिखा सकते हैं जिनके कापीराईट गूगल डायेरक्ट्रीयों के पास हैं, उन्हें सिखाए कि अपने काम में मुफ़्त हासिल होने वाली छवियों\चित्रों का इस्तेमाल कैसे करें| विज्ञान की कई शाखाएँ ऐसी हैं जो सूचनाओं से जुड़ी हैं- हम उन्हें समझा सकते हैं कि विकिपीडिआ का इस्तेमाल कैसे करना है, कैसे उसमे दी गई सूचनाओं को काम में लाया जा सकता है| सिर्फ एक परियोजना में ही नहीं, बल्कि हर जगह ही पाठकों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए| कैसे इंटरनेट उनके काम के मूल्य को बढ़ाता है|

उत्पाद और प्रौद्योगिकी[edit]

कैसे हम खास तौर पर तकनीकी सहयोग देने वाले विभिन्न लोगों को बेहतर तरीके से अपनी ओर खींच सकते हैं, उनकी मदद ले सकते हैं और उन्हें संस्था\आन्दोलन में बनाए रख सकते हैं: स्थानीय चीज़ों को बढ़ावा देने वाले समुदायों का निर्माण करना और उन्हें आगे बढ़ाना और ऐसी परियोजनाओं को पहल देना जिनमें तकनीकी रूप से योगदान देने वालों को विशेष रूप से शामिल किया जा सके?

  • इंजीनियरिंग के छात्रों को स्वयंसेवक के तौर पर विकीमीडिया पर लाने के लिए एक दृष्टिकोण यह भी है कि उनके आखिरी साल के प्रोजेक्ट में विकिमीडिया बॉट या उपकरण बनाया जा सकता है| शैक्षणिक संस्थाएं विकी मीडिया के साथ ऐसी साझेदारियों का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि आज विकी एक ब्रांड नाम बन चुका है| यह स्वयंसेवक की भर्ती के लिए एक अच्छी पहलकदमी हो सकता है, जो बिलकुल सही समय पर होगी समुदाय का विकास करने वाले लोगों को उससे जोड़ेगी, यहाँ विधार्थियों को शुरू में ही आन्दोलन से जुड़ने का मौका मिलेगा|


  • इस तरह की पहलकदमी के लिए गूगल डिवेल्पर स्टूडेंट क्लब भी एक अच्छा कदम हो सकता है| चूंकि विकीमीडिया फ़ाउंडेशन कई परियोजनाओं में गूगल के साथ भागीदारी है, इसलिए हम गूगल के जरिए भी उन्हें जाँचने और उन तक पहुचने की कोशिश कर सकते हैं|

वर्तमान मुद्दे\मामले
  • तकनीकी कामों के लिए फंड: तकनीकी काम के लिए डिवेल्परज़ की एक टीम की ज़रूरत है| यदि कोई आदमी किसी उपकरण को विकसित करने का फैसला लेता है तो परियोजना के अधूरे रह जाने के संभावना कम हो जाती है| मिसाल के लिए, किसी उपकरण को विकसित करने वाले आदमी को डेटाबेस के लिए सहायता की ज़रूरत हो सकती है, और स्वयंसेवकों को उपकरण बनाते समय पेशेवर लोगों से मदद लेने के लिए निजी तौर पर कोई सहायता नहीं मिलती|
  • तकनीकी साफ्टवेयर बनाने वाले स्वयंसेवकों को और ज़्यादा फंड दिए जाने चाहिए|
  • अनुदान देने का एक नया ढाँचा बनाया जाना चाहिए ताकि डिवेल्पर समुदाय के लोग छोटी अवधि की परियोजनाओं को पूरा कर सकें| मिसाल के लिए कोई स्वयंसेवक हो सकता है जो बाहर से किसी तरह की व्यावसायिक सहायता ले कर कोई उपकरण बनाना चाहता है|
  • तकनीकी योगदान देने वाले स्वयंसेवकों को साफ्टवेयर लाइसेंस की कुंजी प्रदान की जानी चाहिए|
  • तकनीक का मौजूदा ताना-बाना तो सारा फ़ाउंडेशन के ही गिर्द केन्द्रित है| ज़्यादा ध्यान दिया अंग्रेज़ी विकिपीडिआ पर दिया जाता है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग उसे ही देखते हैं, लेकिन तकनीक और उपकरणों का विकास समूचे आन्दोलन और तमाम परियोजनाओं को ध्यान में रख कर ही किया जाना चाहिए या कुछ इस तरह की चीज़ों में जिनका इस्तेमाल बहुत सारी भाषाओं में किया जा सके| फ़िलहाल तो वो इंग्लिश विकीपीडिया को ही ध्यान में रख कर कुछ खास तरह की चीज़ें (उपकरण, बेहतर इंटर फ़ेस) ही बना रहे हैं|
  • हर साल सामुदायिक इच्छा सूची (community wish list) को ले कर कुछ कोशिशें की जाती है, लेकिन समुदाय की ज़रूरतों का पता लगाने के लिए यह एक कारगर तरीका नहीं है, क्योंकि इसमें निर्णय इस आधार पर लिए जाते है कि किस प्रस्तावों को कितनी संख्या में मत की मिलते हैं| ऐसी कोई विशेष रणनीति नहीं है जो विकीपीडिया के अलावा दूसरी किसी परियोजना को आगे बढ़ाती हो, जिसकी सफलता को पाठकों और संपादकों की संख्या से मापा जाए|
  • ज़रूरत इस बात की है कि दूसरे साझीदारों के साथ चर्चा की जाए और इस बात का पता लगाएँ कि और ज़्यादा वृद्धि की संभावनाएं कहाँ पर हैं| मिसाल के लिए, विक्किसोर्स के पास बहुत बढ़िया बुनियादी ढाँचा नहीं है| इसी तरह की सर्विस देने वाले दूसरे प्लेटफार्मों को संपादित करना आसान है और उनमें लगे हुए इंटरफेस, जो दो जगहों को जोड़ते है, को इस्तेमाल करना काफी आसान है, जबकि विक्किसोर्स के इंटरफेस पर अभी भी बहुत काम करने की ज़रूरत है| विक्किसोर्स में टेंपलेट के साथ विज़ुएल एडिटर पर काम करने में बहुत मुश्किल होती है और विकी -टेक्स्ट के साथ भी कई समस्याएं हैं|
  • साफ्टवेयर विकास में निवेश के लिए एक मुनासिब रणनीति बनाई जानी चाहिए, जिसमें सभी परियोजनाओं को ध्यान में रखा गया हो, यह हमारे पूरे आन्दोलन की दिशा को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए|


सिफारशें\सुझाव

बाहरी ढांचों का हमे समर्थन करना चाहिए और बुनियादी योगदान में बदलाव को और आगे बढ़ाया जाना चाहिए और इसके साथ ही स्वतंत्र भाषण की आज़ादी और स्वतंत्र ज्ञान तक पहुँच होनी चाहिए (जैसे कि कानूनी ढाँचे और सरकारी विभाग):

  • सुझाव के लिए, पहला कदम यह उठाया जाना चाहिए कि सरकारी विभागों में विकीमीडिया के बारे में जागरूकता को बढ़ावा दिया जाए|
  • कैसे हम दूसरे खुले आंदोलनों को साथ ले कर एक रणनीति बनाएँ ताकि सहयोगी संगठन इस व्यापक आन्दोलन को और आगे ले जा सकें और तुर्की तथा चीन जैसे देशों में विकीपीडिया पर जिस तरह के प्रतिबंध हैं, वह उन देशों तक नहीं फैलने चाहिए जो वर्तमान में हमारे आन्दोलन के साथ हैं|
  • उसके लिए हमे क्रिएटिव कॉमन्स और युरोपिएन संघ जैसे संगठनों के साथ साझेदारी बनाने की ज़रूरत है, जहाँ मुक्त ज्ञान के हक में और कानूनी तौर पर उसे बढ़ावा देने के लिए एक खुला माहौल है|